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बायर्स को प्रॉपर्टी खरीदने के लिए उकसा रहे ब्रोकर्स

बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलने के साथ ही रियल एस्टेट मार्केट के कुछ ब्रोकर्स खरीदारों को जल्द से जल्द अपना घर बुक करने के लिए कह रहे हैं। ब्रोकर्स खरीदारों से कह रहे हैं कि नई सरकार बनने के तुरंत बाद बिल्डर्स कीमतों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। पिछले साल हजारों प्रॉपर्टी ब्रोकर्स का धंधा मंदा रहा। मार्केट में नेगेटिव सेंटीमेंट के कारण होम सेल्स सुस्त हो गई। रियल्टी मार्केट से निवेशक भाग गए और घर खरीदने वाले सही लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या नई सरकार इकनॉमी में जान फूंक सकती है।
प्रॉपर्टी रिसर्च फर्म प्रॉपइक्विटी के मैनेजिंग डायरेक्टर समीर जसूजा ने बताया, 'यह सिर्फ मार्केट को तेज करने की ब्रोकर्स की कोशिश हो सकती है।' डिवेलपर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले कुछ महीने तक प्रॉपर्टी की कीमतें स्थिर रह सकती हैं। खासतौर पर जब तक नई सरकार पॉलिसी और रिफॉर्म फ्रंट पर कदम नहीं उठाती है। डिवेलपर्स को उम्मीद है कि नई सरकार प्रोजेक्ट्स को मंजूरी की रफ्तार तेज करेगी।
कनफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डिवेलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के प्रेसिडेंट और एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर के मैनेजिंग डायेरक्टर गीतांबर आनंद ने बताया, 'मार्केट में घरों की सप्लाई काफी है और घर खरीदने वालों के लिए काफी विकल्प हैं। कीमतों में जल्द बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं।' प्रॉपइक्विटी के जसूजा का कहना है कि रियल्टी की कीमतों में तेजी में कुछ समय मिलेगा। पिछले डेढ़ साल से होम सेल्स में सुस्ती है और डिवेलपर्स को कैश की मुश्किल से जूझना पड़ रहा है। इनवेंटरी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। प्रॉपर्टी रिसर्च फर्म लाइसेज फोराज के मुताबिक, दिसंबर क्वॉर्टर में बिना बिकी हुई इनवेंटरी बढ़कर 6,50,000 अपार्टमेंट्स तक पहुंच गई। इसकी बिक्री में 30 महीनों का वक्त लगेगा। मार्च 2014 के अंत तक यह इनवेंटरी 7,00,000 अपार्टमेंट्स तक पहुंच गई है।
गुड़गांव की रियल एस्टेट ब्रोकरेज फर्म खेमका इनवेस्टमेंट्स और प्रॉपर्टीज के अभय खेमका का कहना है कि डिवलेपर्स की पहली प्राथमिकता बिना बिके हुए घरों को बेचने की है। बेशक घरों को खरीदने के लिए धक्का-मुक्का नहीं मची हो, लेकिन ब्रोकर्स को एंड-यूजर्स और इनवेस्टर्स से कॉल आनी शुरू हो गई है। खेमका के मुताबिक, पिछले वीकेंड पर उनके पास 5-6 इनवेस्टर क्लाइंट्स के फोन आए। रियल्टी मार्केट में सुस्ती के कारण घरों के कई खरीदार पिछली कुछ तिमाहियों से फैसला नहीं कर पा रहे हैं। स्लो इकनॉमी, इनफ्लेशन में बढ़ोतरी, राजनीतिक अनिश्चितता और जॉब को लेकर सुस्त ट्रेंड से मार्केट में माहौल नेगेटिव हो गया है। स्टॉक मार्केट के नई ऊंचाई पर पहुंचने और डॉलर के मुकाबले रुपए में मजबूती के बाद अब इन खरीदारों को पॉजिटव डोज मिला है। जसूजा कहते हैं, 'घर खरीदने का यह बेहतर मौका है।' कुछ जानकार फेस्टिव सीजन के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं।

Source : नवभारत टाइम्स Date : Friday, May 23, 2014

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