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नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 80,000 फ्लैट बायर्स की बढ़ेंगी मुश्किलें!

नोएडा।। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बिल्डर्स की ओर से जमीन का इंस्टॉलमेंट समय पर नहीं देने से फ्लैट बायर्स रजिस्ट्री नहीं करा पाएंगे। अथॉरिटी के इस फैसले की मार 80,000 से ज्यादा फ्लैट बायर्स पर पड़ सकती है। अथॉरिटी को लीज रेंट के रूप में इलाके के 40 बिल्डर्स से कम से कम 4,000 करोड़ रुपए लेने हैं।

ग्रेटर नोएडा में अधिकतर बिल्डर लीज रेंट की इंस्टॉलमेंट जमा नहीं कर रहे हैं। डिफॉल्ट के बाद अथॉरिटी 15 फीसदी छमाही चक्रवृद्धि ब्याज वसूलती है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया, 'इस समय 30 ऐसे बिल्डर हैं, जो समय पर इंस्टॉलमेंट नहीं दे पाए हैं। ये बिल्डर करीब 80,000 फ्लैट्स बना रहे हैं, जिनकी डिलिवरी 2015 में की जानी है। अथॉरिटी को समय पर इंस्टॉलमेंट पेमेंट नहीं करने पर इनकी रजिस्ट्री रोक दी जाएगी।' उन्होंने कहा कि इंस्टॉलमेंट भुगतान में देरी और उस पर ब्याज लगने की वजह से रकम काफी बढ़ जाएगी, जो बिल्डर के लिए चुकाना और भी मुश्किल हो सकता है।

नोएडा अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि नोएडा में मल्टिस्टोरी बिल्डिंग बना रहे 3 बिल्डरों को पेमेंट में डिफॉल्ट करने की वजह से पिछले हफ्ते नोटिस भेजा गया है। उन्होंने कहा, 'पेमेंट क्लियर नहीं होने पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं करने और सब लीज की इजाजत नहीं देने की पॉलिसी काफी पुरानी है। नॉन पेमेंट पर ब्याज लगने के बाद भी हम बिल्डर को जल्द पेमेंट चुकाने के लिए नोटिस भेजते हैं, ताकि औपचारिकता पूरी होने में समय न लगे।'


दरअसल, मुआवजे को लेकर किसानों के बढ़ते विरोध की वजह से अथॉरिटी पर जल्द से जल्द पेमेंट करने का दबाव है, जबकि बिल्डर को प्रॉजेक्ट के लिए जो जमीन दी गई है, उसके लिए वे किस्त का भुगतान नहीं कर रहे हैं। बिल्डर को ग्राहकों से पेमेंट मिलने में दिक्कतें आ रही हैं और इस वजह से वे अथॉरिटी को समय पर इंस्टॉलमेंट का पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में इको विलेज के नाम से प्रॉजेक्ट डिवेलप कर रही कंपनी सुपरटेक के एमडी आरके अरोड़ा ने कहा, 'पेमेंट साइकल बिगड़ना किसी के लिए भी सही नहीं है। लीज रेंट का समय पर भुगतान नहीं करने से ब्याज का बोझ, बैंक की तरफ से लोन में दिक्कतें और ग्राहकों की तरफ से पेमेंट नहीं आने जैसी घटनाएं बढ़ती हैं। इससे कंस्ट्रक्शन कॉस्ट बढ़ती है और सब-लीज में मुश्किलें आती हैं।' अरोड़ा ने कहा कि इस समय बैंक से लोन मिलने में दिक्कतों की वजह से भी कई बिल्डर समय पर लीज रेंट नहीं चुका पा रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के असिस्टेंट सीईओ हरीश वर्मा ने इकनॉमिक टाइम्स से कहा, 'हमें फ्लैट बायर्स की समस्याओं के बारे में पता है, लेकिन अथॉरिटी को भी किसानों को पैसा देना है। समय पर इंस्टॉलमेंट नहीं चुकाने वाले बिल्डरों के लेआउट प्लान की मंजूरी, कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने और सब-लीज पर रोक लगा दी जाएगी।' पेमेंट डिफॉल्ट करने वाले बिल्डर्स के चलते कम से कम 80,000 फ्लैट बायर्स को रजिस्ट्री में दिक्कतें आ सकती हैं।

Source : नवभारत टाइम्स Date : Monday, May 05, 2014