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कर्ज के मारे बिल्डर्स बंपर डिस्काउंट पर बेच रहे हैं प्रॉजेक्ट्स

रीयल एस्टेट मार्केट में स्लोडाउन के चलते कर्ज के बोझ तले दबे और कैश की कमी का सामना कर रहे बिल्डर आंशिक तौर पर पूरे प्रॉजेक्ट्स और खाली जमीन 40 पर्सेंट तक के भारी-भरकम डिस्काउंट पर बेच रहे हैं। इसका फायदा कनकिया ग्रुप, आरएमजेड, श्रीराम प्रॉपर्टीज और सलारपुरिया सत्व ग्रुप जैसी रीयल एस्टेट कंपनियां उठा रही हैं, जिनके पास काफी कैश है। वे ऐसे प्रॉजेक्ट्स को खरीदने के लिए मोलभाव कर रही हैं, जो फंड की कमी के चलते रुके हुए हैं।

श्रीराम प्रॉपर्टीज के मैनेजिंग डायरेक्टर एम मुरली ने बताया, 'जिन बिल्डर्स पर काफी कर्ज है और कैश फ्लो नहीं आ रहा है, वे भारी-भरकम डिस्काउंट पर प्रॉजेक्ट से निकलने को तैयार हैं।' श्रीराम प्रॉपर्टीज बंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में कई बिल्डरों से 150 एकड़ जमीन खरीदने के लिए बात कर रही है। मुरली ने बताया कि इनमें से ज्यादातर डील अगले दो क्वॉर्टर्स तक पूरी हो जाएंगी। हाल ही में मुंबई के कनकिया ग्रुप ने उपनगर बांद्रा में 7 लाख वर्ग फुट के प्रॉजेक्ट में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा के इन्वेस्टमेंट के लिए एग्रीमेंट किया था। इसका इस्तेमाल प्रॉजेक्ट का लोन चुकाने के लिए किया जाएगा।

इस इन्वेस्टमेंट के बाद कनकिया ग्रुप प्रॉजेक्ट में मेजॉरिटी स्टेकहोल्डर बन जाएगा। वह इसमें प्रमोटर की जगह लेगा। वहीं प्रॉजेक्ट के दूसरे 3 पार्टनर्स बने रहेंगे। कनकिया ग्रुप के चेयरमैन रशेष कनकिया ने कहा, 'मार्केट में इस तरह के ऑफर्स की अभी कमी नहीं है। ऐसे सौदे दोनों पार्टियों के लिए अच्छे हैं। हमें इससे कमाई का नया जरिया मिल रहा है, जबकि पार्टनर को प्रॉजेक्ट पूरा करने के लिए पैसा।' कनकिया मुंबई में दो और प्रॉजेक्ट में मेजॉरिटी स्टेक के लिए बात कर रहा है।
 

फंडिंग कॉस्ट बढ़ने और अप्रूवल में देरी के चलते पिछले 11 महीनों में होम सेल्स में गिरावट आई है। बेंगलुरु की रीयल एस्टेट ब्रोकरेज कंपनी मार्स रीयल्टी में पार्टनर प्रशांत संबरागी ने कहा, 'कम सेल्स के चलते नकदी की कमी हो गई है। इससे पूरे देश में कंस्ट्रक्शन ऐक्टिविटी सुस्त पड़ गई है। बड़े ब्रांड के साथ टाई-अप से प्रॉजेक्ट को जल्द पूरा करने में मदद मिलती है।'

प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक के मुताबिक, मुंबई और एनसीआर जैसे बड़े प्रॉपर्टी मार्केट्स में अक्टूबर से दिसंबर 2013 के बीच रेजिडेंशल प्रॉपर्टी की सेल्स में क्रमश: 30 पर्सेंट और 13 पर्सेंट की कमी आई थी। वहीं, कुशमैन एंड वेकफील्ड में साउथ एशिया के एग्जेक्युटिव मैनेजिंग डायरेक्टर संजय दत्त ने कहा, 'कई बिल्डरों को अहसास हो गया है कि वे रिटेल सेल्स नहीं बढ़ा पाएंगी और प्रीमियम बायर्स बड़े बिल्डर्स के पास जा रहे हैं। ऐसे में बड़े ब्रांड के साथ टाई-अप से सेल्स बढ़ाने में मदद मिलती है और रिटर्न भी बढ़ता है।'

Source : नवभारत टाइम्स Date : Wednesday, April 23, 2014